सड़क बनी तालाब, जलभराव से ग्रामीण बेहाल; गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों का निकलना मुश्किल, ग्रामीणों ने लगाई प्रशासन से गुहार

भिंड (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के भिंड जिले की गोहद तहसील अंतर्गत ऐडौरी पोस्ट भौनपुरा है। थाना क्षेत्र के ग्राम कंकर का पूरा, में जलभराव की गंभीर समस्या से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की मुख्य सड़क लंबे समय से जलभराव की चपेट में है, लेकिन कई शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया। अब हालात ऐसे हैं कि लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है।

ग्रामीण रामू ने बताया कि सड़क पर लगातार पानी भरा रहने के कारण बच्चों का स्कूल जाना प्रभावित हो रहा है। रोजाना छोटे-छोटे बच्चे पानी और कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं बुजुर्गों को भी आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार फिसलने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को होती है। उनका आरोप है कि सड़क पर इतना अधिक पानी भर जाता है कि एंबुलेंस तक का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। यदि किसी की तबीयत अचानक बिगड़ जाए तो समय पर अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या की जानकारी कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत को दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि ग्राम सरपंच भगवान सिंह तोमर से भी कई बार जल निकासी और सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।

गांव के लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में पूरा रास्ता तालाब जैसा दिखाई देता है। कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही जल निकासी की व्यवस्था और सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर जल निकासी की व्यवस्था कराने, सड़क का निर्माण कराने तथा लोगों को इस समस्या से स्थायी राहत दिलाने की मांग की है।

फिलहाल इस मामले में ग्राम पंचायत या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। समाचार में वर्णित बातें ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और दावों पर आधारित हैं। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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