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EWS से नहीं टूटी सीलिंग, तो OBC से कैसे? मध्य प्रदेश ओबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट में बहस पूरी, फैसला सुरक्षित

इंदर कुमार, जबलपुर। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27% आरक्षण दिए जाने और उससे जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई आखिरकार पूरी हो गई है। लगातार 15 दिनों तक चली मैराथन बहस के बाद हाईकोर्ट की विशेष पीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों, लंबित भर्ती प्रक्रियाओं और आरक्षण की संवैधानिक सीमाओं को लेकर कई तीखे सवाल-जवाब देखने को मिले।

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कोर्ट का सख्त सवाल: अब तक हुई भर्तियों का क्या होगा?

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से अब तक हुई सरकारी भर्तियों और उनके आंकड़ों को लेकर सीधे सवाल दागे। कोर्ट ने जानना चाहा कि आरक्षण विवाद के बीच अब तक जिन भर्तियों में नियुक्तियां दी गई हैं, उनका भविष्य क्या होगा? इस पर राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को भरोसा दिलाया गया कि सरकार जल्द ही भर्तियों से जुड़ा पूरा डेटा और रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

हैरानी की बात यह रही कि इस बार सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से भविष्य की भर्तियों को लेकर कोई नया वचन या अंडरटेकिंग नहीं दिया गया। जानकारों का मानना है कि सरकार ने बढ़ाए गए ओबीसी आरक्षण पर भर्तियों की गेंद अब पूरी तरह कोर्ट के पाले में डाल दी है।

50% सीलिंग पर आरक्षण पक्षकारों का तीखा तर्क

मामले की पैरवी कर रहे ओबीसी पक्षकारों और वकीलों ने कोर्ट के सामने संविधान संशोधन और आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को लेकर बड़ी दलीलें दीं। पक्षकारों ने सवाल उठाया कि क्या सिर्फ ओबीसी का आरक्षण बढ़ाने से ही 50% की सीमा टूट रही है? जब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10% अतिरिक्त आरक्षण दिया गया तब क्या 50% की सीलिंग लागू नहीं हुई?

इन दलीलों के साथ पक्षकारों ने तर्क दिया कि सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन दूर करने के लिए बढ़ा हुआ आरक्षण पूरी तरह संवैधानिक है।

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जल्द आएगा फैसला

15 दिनों तक चली इस लगातार सुनवाई में याचिकाकर्ताओं, राज्य सरकार और ओबीसी वर्ग के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने पक्ष रखे। अब पूरा प्रदेश हाईकोर्ट के आने वाले फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, क्योंकि यह फैसला मध्य प्रदेश के लाखों प्रतियोगी छात्रों, सरकारी कर्मचारियों और आगामी भर्ती परीक्षाओं के भविष्य की दिशा तय करेगा।

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