शिवलिंग : स्वरूप, तत्त्व और मान्यताएँ
शिव–लिंग शिव – ‘श’ + ‘इ’ + ‘व’ : ‘श’कार अर्थात नित्य सुख एवं आनंद ‘इ’कार अर्थात पुरुष ‘व’कार अर्थात अमृतस्वरूपा भक्ति शिव अर्थात ‘कल्याण’ का प्रतीक—निश्चल ज्ञान, ब्रह्मतेज, सृजन–सृजनहार शक्ति का प्रतीक है। वहीं स्कन्दपुराणानुसार लिंग अर्थात ‘लय’—प्रलय के समय सब कुछ अग्नि में परिवर्तित होकर लिंग में समा जाता है और पुनः सृष्टि […]