त्याग और प्रेम का सच्चा मोल
एक दिन देवर्षि नारद भगवान के लोक की ओर जा रहे थे। मार्ग में उन्हें एक संतानहीन, दुःखी मनुष्य मिला। उसने विनम्र होकर कहा— “नारद जी, आशीर्वाद दे दीजिए कि मुझे संतान प्राप्त हो जाए।”नारद बोले— “मैं भगवान के पास ही जा रहा हूँ, लौटते समय उनकी इच्छा बता दूँगा।” भगवान से पूछने पर उत्तर […]