26 अक्टूबर महाकाल भस्म आरती: मस्तक पर त्रिपुंड, अधरों पर मुस्कान और पुष्पों का दिव्य श्रृंगार, यहां कीजिए दर्शन
उज्जैन। Mahakal Bhasma Aarti: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि सोमवार तड़के
उज्जैन। Mahakal Bhasma Aarti: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि सोमवार तड़के
भोलेनाथ की पूजा में जानें शास्त्रों की मर्यादा और मान्यताएं भगवान शिव हिंदू धर्म के सबसे सरल और करुणामय देवता माने जाते हैं। उन्हें भोलेनाथ कहा जाता है, क्योंकि वे थोड़ी-सी सच्ची श्रद्धा से भी प्रसन्न हो जाते हैं। शिवभक्ति में न तो आडंबर की आवश्यकता होती है और न ही विशेष वैभव की। एक […]
भगवान शिव केवल एक आराध्य देव नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक चिंतन में कल्याण, ज्ञान, वैराग्य, करुणा, साहस और आत्मबोध के प्रतीक हैं। उनके मस्तक का चंद्रमा, जटाओं की गंगा, तीसरा नेत्र, गले का सर्प, नीलकंठ, त्रिशूल, डमरू और भस्म—इनमें से प्रत्येक अपने भीतर जीवन को समझने का एक गहरा संदेश समेटे हुए है। शिव-शंकर के […]
भगवान् शिव के स्वरूप जितने रहस्यमय हैं, उनके नामों में छिपे आध्यात्मिक अर्थ उतने ही गहरे हैं। हर—भगवान् रुद्र का आठवाँ स्वरूप—सिर्फ संहार का प्रतीक नहीं, बल्कि भक्तों के सभी प्रकार के संताप को हर लेने वाली परम शक्ति का स्वरूप है। गले में सर्पों की माला, हाथ में पिनाक और चरणों में नतमस्तक देवगण […]
सनातन परंपरा में भगवान शिव के अनेक दिव्य स्वरूपों का वर्णन मिलता है, जिनमें शर्व रुद्र का स्वरूप अत्यंत प्रभावशाली और रहस्यमय माना गया है। त्रिपुर का संहार करने के कारण भगवान शिव को त्रिपुरान्तक और त्रिपुरारि भी कहा जाता है। शर्व रुद्र अधर्म, अहंकार और आसुरी शक्तियों के विनाश के साथ-साथ जीवों को बंधनों […]