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भगवान श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप
भगवान् श्रीकृष्ण का विराट रूप (विश्वरूप) वह दिव्य रूप है जिसमें सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड समाहित प्रतीत होता है। भगवद्गीता में इसका वर्णन श्रीकृष्ण ने स्वयं किया है तथा श्रीमद्भागवतपुराण में भी इसका व्याख्यात्मक वर्णन मिलता है। विराट में ‘विराट्’ का अर्थ है “विशाल, सम्पूर्ण” और स्वरूप से आशय परमात्मा के ब्रह्मांडीय शरीर से है। इस दिव्य […]