सावन में मेहंदी : जानकर रह जाएंगे हैरान! फैशन नहीं, मां पार्वती की कृपा से जुड़ी है ये परंपरा …

Dharm Desk – सावन का महीना जैसे ही शुरू होता है चारों ओर हरियाली छा जाती है और भक्ति का माहौल बन जाता है। इस पावन महीने को भगवान शंकर का प्रिय समय माना जाता है, इसलिए भक्तजन पूरे श्रद्धा भाव से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। खासकर औरतें इस दौरान उपवास रखती हैं, सोलह श्रृंगार करती हैं और हरे रंग के कपड़े व चूड़ियां पहनती हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक खास परंपरा है मेहंदी लगाने की जो केवल सजने-संवरने तक ही सीमित नहीं है। बल्कि इसके पीछे बहुत ही गहरा धार्मिक महत्व छुपा हुआ है।

माता पार्वती से जुड़ा है मेहंदी का सीधा संबंध

सावन में मेहंदी लगाने की परंपरा का संबंध माता पार्वती से जोड़ा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इसी माह में माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। और माता की अटूट भक्ति और समर्पण से खुश होकर भोलेनाथ ने उन्हें स्वीकार किया। इसी कारण सावन में औरतें भी मनचाहा वर पाने और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं और मेहंदी लगाती हैं। माना जाता है कि मेहंदी लगाने से माता पार्वती प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं।

सोलह श्रृंगार का अहम हिस्सा है मेहंदी

हिंदू संस्कृति में मेहंदी को सुहाग का प्रतीक माना गया है और इसे सोलह श्रृंगार में विशेष स्थान प्राप्त है। सावन के दिनों में मेहंदी रचाने से विवाहित महिलाओं के जीवन में खुशहाली और प्रेम बना रहता है। वहीं अविवाहित कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की कामना के लिए मेहंदी लगाती हैं।इसके साथ ही गहरे रंग की मेहंदी को शुभ संकेत माना जाता है।जो प्रेम और रिश्तों की मजबूती दर्शाती है।

हरियाली और शिव भक्ति का प्रतीक है हरा रंग

सावन का महीना प्रकृति की सुंदरता से भरा होता है। चारों तरफ हरियाली ही हरियाली नजर आती है। ऐसे में मेहंदी का हरा रंग इस प्राकृतिक सौंदर्य और जीवन के उत्साह का प्रतीक बन जाता है। हरे रंग को भोलेनाथ का प्रिय रंग भी माना जाता है। इसलिए मेहंदी लगाना शिव भक्ति का एक रूप माना जाता है। यह परंपरा प्रकृति और आध्यात्म दोनों के बीच एक सुंदर संतुलन को दर्शाती है।

शरीर और मन को भी ठंडक देती हैं

धार्मिक महत्व के साथ-साथ मेहंदी का उपयोग स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। बरसात के मौसम में शरीर में गर्मी और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। ऐसे में मेहंदी की तासीर ठंडी होती है जो शरीर को ठंडक प्रदान करती है और मन को शांत रखती है। इसी कारण से सावन में मेहंदी लगाना एक पारंपरिक और उपयोगी उपाय माना जाता है।

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