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1133 दिन, 127 सुनवाई… महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में बृजभूषण सिंह बरी, कहा- ‘होइहि सोइ जो राम रचि राखा’

देश के सबसे चर्चित खेल और राजनीतिक विवादों में शामिल महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में आखिरकार 1133 दिन बाद अदालत का फैसला आ गया. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया. यह फैसला अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने सुनाया.

यह वही मामला है जिसने जनवरी 2023 से देशभर में खेल, राजनीति और न्याय व्यवस्था को लेकर लंबी बहस छेड़ दी थी. महिला पहलवानों के आरोपों के बाद शुरू हुई कानूनी लड़ाई करीब तीन साल, 1133 दिन और 127 सुनवाई के बाद अपने पहले बड़े मुकाम पर पहुंची. फैसला सुनाए जाने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने बेहद संक्षिप्त लेकिन धार्मिक संदेश दिया. उन्होंने कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा.” यानी, भगवान राम ने जो नियति में लिखा है, वही होकर रहता है. फैसले से पहले अदालत पहुंचने पर उन्होंने मीडिया से कहा था, “मैं सिर्फ वही सुनूंगा जो अदालत कहेगी. मेरे हाथ में कुछ भी नहीं है.”

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देशभर में बना रहा था चर्चा का विषय

महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा. जंतर-मंतर पर पहलवानों का धरना, राजनीतिक बयानबाजी, भारतीय कुश्ती महासंघ में बदलाव और अदालत की लगातार सुनवाई ने इसे देश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल कर दिया था.

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