कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी पर हरियाणा में सियासी संग्राम

Haryana Commonwealth Games Hosting : कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। भारत को वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने की संभावनाओं के बीच हरियाणा में इसे लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन में हरियाणा को भी मेजबानी का प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाए जाने के बाद भाजपा नेता और पूर्व अंतरराष्ट्रीय पहलवान बबीता फोगट तथा हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष पर्ल चौधरी के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है।

विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब दीपेंद्र हुड्डा ने भारत को मिलने वाली कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी में हरियाणा को भी महत्वपूर्ण भूमिका देने की मांग उठाई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता बबीता फोगट ने कांग्रेस पर निशाना साधा।

बबीता फोगट ने अपने बयान में कहा कि “2010 में जब दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स हुए थे, तब दीपेंद्र जी ने यह आवाज क्यों नहीं उठाई? जब आप 10 साल तक हरियाणा कुश्ती संघ के अध्यक्ष रहे, तब हरियाणा की मेजबानी की याद क्यों नहीं आई? आपसे तो एक राष्ट्रीय स्तर का खेल आयोजन भी हरियाणा में नहीं कराया गया।”

उन्होंने कहा कि जब किसी राज्य में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन होता है तो वह पूरे देश का आयोजन माना जाता है। बबीता ने आरोप लगाया कि 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने खिलाड़ियों के दम पर विश्व में चौथा स्थान हासिल किया, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर एक ट्वीट तक नहीं किया।

उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि “संसद के अंदर राहुल गांधी नाटक कर रहे हैं और बाहर उनके नेता हरियाणा की मेजबानी को लेकर नौटंकी कर रहे हैं। करते रहिए नौटंकी, दिखाते रहिए नौटंकी, खेलते रहिए नौटंकी।”

पर्ल चौधरी का पलटवार

बबीता फोगट के बयान पर हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष पर्ल चौधरी ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने सवाल किया कि “आखिर बबीता फोगट चाहती क्या हैं? क्या हरियाणा कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी न करे? क्या हरियाणा को यह अवसर ही न मिले?”

पर्ल चौधरी ने कहा कि बबीता का पूरा बयान हरियाणा के हितों के खिलाफ दिखाई देता है। उन्होंने पूछा कि “क्या आपको मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की क्षमता पर भरोसा नहीं है कि वे हरियाणा में इतने बड़े खेल आयोजन का सफल आयोजन करा सकते हैं?”

उन्होंने कहा कि 2010 में जब दिल्ली ने कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी, तब वह पूरे देश का गौरव था। आज यदि हरियाणा के लिए भी ऐसा अवसर मांगा जा रहा है तो उसका विरोध क्यों किया जा रहा है?

पर्ल चौधरी ने कहा कि हरियाणा देश को सबसे अधिक पदक दिलाने वाला प्रदेश है, इसलिए उसे कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अवसर मिलना चाहिए।

राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि “अगर आप हरियाणा के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए यह मांग नहीं उठा सकतीं, तो कम से कम दीपेंद्र हुड्डा की इस मुहिम का विरोध भी मत कीजिए। वरना यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं यह ट्वीट भी अपने आकाओं को खुश करने के लिए लिखी गई स्क्रिप्ट तो नहीं?

उन्होंने अंत में कहा कि “हरियाणा का हित किसी भी दल की राजनीति से बड़ा है, भाजपा से भी बड़ा है।

कॉमनवेल्थ गेम्स की संभावित मेजबानी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी आरोप-प्रत्यारोप का नया मुद्दा बन गया है। दोनों दल हरियाणा के खिलाड़ियों और खेलों के विकास के नाम पर एक-दूसरे पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगा रहे हैं।

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