karur stampede

Karur Stampede: करुड़ हादसे के पीड़ितों से छिनेगी सरकारी नौकरी? विजय सरकार का फैसला हाईकोर्ट ने किया रद्द

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने सोमवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार के उन सरकारी आदेशों (GOs) को रद्द कर दिया है, जिनके तहत करुड़ भगदड़ हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई थीं.

अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 16 (सरकारी नौकरियों में अवसर की समानता) का सीधा उल्लंघन करता है.

हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी उस जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें अभिनेता से नेता बने विजय की अगुवाई वाली ‘तमिलगा वेत्री कज़गम’ (TVK) सरकार के इस फैसले को चुनौती दी गई थी.

अदालत में वकीलों ने क्या दीं दलीलें?

मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता क्लीटस ने फैसले के बाद कहा, ‘आज का फैसला तमिलनाडु के युवाओं के लिए एक बड़ी जीत है. यह पूरे देश के लिए एक नजीर बनने वाला फैसला है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही मुआवजा और अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश तय कर चुका है. तमिलनाडु में भी इसे लेकर पहले से सरकारी दिशानिर्देश मौजूद हैं. हमने इन्हीं नियमों का हवाला देकर अदालत में अपनी बात रखी, जिसके बाद मदुरै पीठ ने करुड़ हादसे के पीड़ितों के परिजनों को नौकरियां देने वाले GO को खारिज कर दिया.’

वहीं, अधिवक्ता मोहम्मद रशीद ने बताया, ‘मुख्य कानूनी सवाल यह था कि क्या करुड़ हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जा सकती है या नहीं. हमने सुप्रीम कोर्ट के उस ऐतिहासिक फैसले का हवाला दिया, जिसमें अनुकंपा नियुक्ति के लिए चार मुख्य दिशानिर्देश तय किए गए हैं. करुड़ हादसे के पीड़ित इन तय मानकों के दायरे में नहीं आते हैं.’

अधिवक्ता रशीद ने आगे कहा, ‘सरकार का तर्क था कि यह फैसला उनकी नीति के तहत लिया गया है. लेकिन हमने अदालत के सामने रखा कि यह नियम-कायदों से परे जाकर लिया गया एक राजनीतिक फैसला था, जो कानूनन सही नहीं है. अदालत ने हमारी दलीलों से सहमति जताते हुए याचिका को स्वीकार कर लिया.’

क्या था पूरा मामला?

गौरतलब है कि पिछले साल 27 सितंबर 2025 को तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) के प्रमुख विजय की एक जनसभा के दौरान करुड़ में भारी भगदड़ मच गई थी. इस दर्दनाक हादसे में 41 लोगों की जान चली गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे.

इसके बाद, इसी महीने 10 जुलाई को मुख्यमंत्री विजय ने करुड़ का दौरा किया था. अपने दौरे के दौरान उन्होंने कई सरकारी व पार्टी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और हादसे में जान गंवाने वाले 32 पीड़ितों के कानूनी वारिसों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे थे. अदालत के इस फैसले के बाद अब सरकार के उस कदम को बड़ा झटका लगा है.

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *