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नालंदा में EOU की बड़ी कार्रवाई: 9 साल बाद साइबर अपराध के चर्चित आरोपी संटु सिंह को किया गिरफ्तार

वीरेंद्र कुमार, नालंदा। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) पटना ने एक दशक पुराने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक चर्चित आरोपी को धर दबोचा है। कभी अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और करोड़ों के कथित नेटवर्क के लिए चर्चा में रहे संजय कुमार सिंह उर्फ संटु सिंह को पुलिस ने आखिरकार कानून के शिकंजे में कस लिया है।
​यह पूरी कार्रवाई नालंदा जिले के तेलमर थाना क्षेत्र में अंजाम दी गई। EOU पटना की टीम ने तेलमर पुलिस के सहयोग से एक दशक पुराने आर्थिक एवं कथित साइबर अपराध से जुड़े मुख्य आरोपी संजय कुमार सिंह उर्फ संटु सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी वर्ष 2017 में दर्ज एक मामले के सिलसिले में पटना व्यवहार न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर की गई है। गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए सीधे EOU के हवाले कर दिया गया।

​गंभीर धाराओं के तहत दर्ज है मामला

​पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी संजय कुमार सिंह उर्फ संटु सिंह के खिलाफ आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 08/17 दर्ज है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं के तहत कानूनी शिकंजा कसा गया है। आरोपी पर धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश रचने जैसे संगीन आरोप शामिल हैं।

​शुरुआती दौर के साइबर नेटवर्क से जुड़ा था नाम

​स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, यह मामला उस दौर का है जब देश और समाज में साइबर अपराध के तौर-तरीकों के बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी हुआ करती थी। उस शुरुआती दौर में भी संजय सिंह का नाम एक बड़े कथित साइबर नेटवर्क से जुड़ा बताया जाता था। इलाके के लोगों का दावा है कि उसने उस समय अवैध तरीके से भारी मात्रा में संपत्ति अर्जित की थी और पटना के आदर्श नगर सहित कई पॉश इलाकों में जमीनें भी खरीदी थीं। हालांकि, इन दावों की किसी भी स्वतंत्र आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है और इस पूरे मामले की जांच व न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।

​सामान्य कारोबारी बनकर जी रहा था जिंदगी

​गिरफ्तारी से पहले की स्थिति पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों से संजय कानून की नजरों से बचकर अपने भाइयों के साथ ग्रिल निर्माण और बिक्री का कारोबार कर रहा था। वह बिल्कुल एक आम कारोबारी की तरह अपनी जिंदगी व्यतीत कर रहा था ताकि किसी को उस पर शक न हो। लेकिन कानून के लंबे हाथ आखिरकार उस तक पहुंच ही गए। पुराने लंबित गैर-जमानती वारंट के बारे में पुख्ता सूचना मिलते ही EOU की विशेष टीम ने तेलमर पहुंचकर स्थानीय थाने की मदद से उसे दबोच लिया।

​स्थानीय पुलिस और प्रशासन की पुष्टि

​तेलमर थाना अध्यक्ष चंद्रशेखर ने इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने मीडिया को जानकारी दी कि आर्थिक अपराध इकाई की टीम न्यायालय का वारंट लेकर उनके थाने पहुंची थी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को EOU के सुपुर्द कर दिया गया। इस सनसनीखेज गिरफ्तारी के बाद से पूरे इलाके में एक बार फिर पुराने कथित साइबर अपराध के मामलों की चर्चाएं तेज हो गई हैं और हर कोई इस कार्रवाई की ही बात कर रहा है।

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