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Rishikesh: अब फ्री नहीं मिलेगा ग्लास स्काईवॉक का मजा, बजरंग सेतु के लिए तय हुई एंट्री फीस; फटाफट कर लें नोट

Rishikesh Bajrang Setu Glass Skywalk: ऋषिकेश आने वाले टूरिस्ट को जल्द ही एक नया, रोमांचक अनुभव मिलेगा. गंगा नदी पर बना बजरंग सेतु जिसका बहुत इंतज़ार था, अब पूरी तरह से तैयार है, और सरकार ने इसके ऑपरेशन के लिए खास गाइडलाइंस बनाई हैं.

हालांकि, इस शानदार ग्लास स्काईवॉक का मज़ा लेने के लिए काफी खर्च करना पड़ सकता है. सरकार इस अट्रैक्शन के बेहतर मेंटेनेंस और सिक्योरिटी के लिए एंट्री फीस लगाने की तैयारी कर रही है.

ग्लास स्काईवॉक पर चलने के लिए एंट्री फीस जरूरी

उत्तराखंड सरकार की मंज़ूरी के बाद, बजरंग सेतु ग्लास वॉकवे में एंट्री के लिए जल्द ही टिकट सिस्टम लागू हो सकता है. प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, बच्चों के लिए एंट्री फीस ₹50 और बड़ों के लिए ₹100 तय की गई है. नरेंद्र नगर में पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) ने इसके लिए एक डिटेल्ड स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया है.

बजरंग सेतु पर आने वाले टूरिस्ट की बढ़ती संख्या को देखते हुए, एडमिनिस्ट्रेशन ने सेफ्टी को प्राथमिकता दी है. SOP के तहत, एक बार में ग्लास स्काईवॉक पर कुछ ही लोगों को जाने की इजाज़त होगी. सिक्योरिटी वाले तैनात रहेंगे, रेगुलर मॉनिटरिंग की जाएगी, और किसी भी एक्सीडेंट को रोकने के लिए समय-समय पर ग्लास स्ट्रक्चर का इंस्पेक्शन किया जाएगा.

मेंटेनेंस के लिए फीस ली जाएगी

स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि एंट्री फीस से पुल के मेंटेनेंस को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. इससे टूरिस्ट इस मॉडर्न स्ट्रक्चर की अहमियत को समझेंगे और नियमों का पालन करेंगे. सरकार का मकसद यह पक्का करना है कि यह वर्ल्ड-क्लास अट्रैक्शन लंबे समय तक सुरक्षित और अच्छी हालत में रहे.

ऋषिकेश की खूबसूरती में एक नया अट्रैक्शन जुड़ गया 

ऋषिकेश, जो पहले से ही दुनिया भर में योग हब के तौर पर मशहूर है, अपनी गंगा आरती, त्रिवेणी घाट, लक्ष्मण झूला, राम झूला, रिवर राफ्टिंग, झरनों और ट्रेकिंग डेस्टिनेशन के लिए जाना जाता है. अब, बजरंग सेतु और गंगा नदी पर बना इसका ग्लास स्काईवॉक एक नया टूरिस्ट अट्रैक्शन बन गया है. यहां से गंगा और आसपास के पहाड़ों के शानदार नज़ारे विज़िटर्स को मंत्रमुग्ध कर देंगे.

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