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कत्ल, कार्रवाई और कारावासः 7.50 लाख के लालच में भांजे और दोस्तों ने उतारा मौत के घाट, जानिए कत्ल की खौफनाक कहानी

कुलदीप सिंह, फतेहपुर. थाना कोतवाली क्षेत्र के बकन्धा ईंट भट्ठे के पास मिले रामप्रकाश गुप्ता के संदिग्ध शव के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. यह हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि पैसों के लालच में उन्हें अपने जाल में फंसाने वाले तथाकथित मददगारों ने ही रची थी. पुलिस ने हत्याकांड में शामिल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. 1 अभी फरार चल रहा है.

बता दें कि बीते 29 जुलाई की सुबह थाना कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि बकन्धा ईंट भट्ठे के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने गहनता से भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए. मृतक की शिनाख्त रामप्रकाश गुप्ता पुत्र रामसजीवन गुप्ता, निवासी राधानगर के रूप में हुई. इसके बाद 30 जुलाई को मृतक के पिता रामसजीवन गुप्ता की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज किया गया था.

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​जांच में यह बात सामने आई कि मृतक रामप्रकाश का अपने पिता से पारिवारिक कलह और विवाद रहता था. इसी पारिवारिक दूरी के चलते नवंबर 2024 में राधानगर स्थित मकान को 75 लाख में बेच दिया गया था. पिता को 37.50 लाख औऱ रामप्रकाश को 27.50 लाख और पुत्री के नाम 10 लाख की एफडी (FD) करा दी गई थी. वहीं अनिल नाम के युवक ने रामप्रकाश के साथ एक संयुक्त बैंक खाता खुलवाकर उसकी अधिकांश धनराशि पर अपना नियंत्रण कर लिया था. खाते में इस्तेमाल होने वाला मोबाइल नंबर और समस्त लेन-देन का संचालन केवल अनिल ही करते थे.

मृतक रामप्रकाश को नशे की लत थी, जिसका फायदा उठाकर अभियुक्तों ने फटाफट उसे अपने प्रभाव में ले लिया और मकान बिकने के बाद उसे अपने घर पर ही रहने के लिए रख लिया था. अनिल और उसकी पत्नी मीना के खिलाफ वर्ष 2021 में एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग भी पंजीकृत है. ​जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक की धनराशि में से लगभग 2.50 लाख खर्च कर एक बुलेट मोटरसाइकिल खरीदी गई थी और करीब 5 लाख अनिल ने अपने रिश्तेदार कृष्ण कुमार (फरार अभियुक्त) को निवेश के नाम पर दे दिए थे. ​इस प्रकार मृतक के कुल 7.50 लाख अभियुक्तों के पास चले गए थे. जब रामप्रकाश अपनी इस भारी-भरकम रकम को वापस मांगने लगा, तो अभियुक्तों ने उसे रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली.

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​योजना के तहत, घटना की रात अभियुक्त अनिल, उसका भांजा शिवा और मित्र ईशू मृतक रामप्रकाश को मोटरसाइकिल पर अपने साथ ले गए. उन्होंने उसे जमकर शराब पिलाई और जब वह पूरी तरह नशे की गिरफ्त में आ गया, तब अभियुक्त शिवा ने अवैध तमंचे से गोली मारकर उसकी निर्मम हत्या कर दी. इस सनसनीखेज मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया.

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