सीएम सम्राट ने की डॉ. जगन्नाथ मिश्र की प्रतिमा का अनावरण, कोसी-मेची प्रोजेक्ट का लिया जायजा

सुपौल। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज सुपौल जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने बलुआ बाजार में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शिरकत करते हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भारत रत्न से सम्मानित और दिवंगत नेता डॉ. जगन्नाथ मिश्र की पुण्यतिथि पर उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर भारी संख्या में स्थानीय लोग और राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।

​प्रतिमा अनावरण और प्रशासनिक तैयारियां

​मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बलुआ स्थित मध्य विद्यालय परिसर में हेलीपैड का निर्माण किया गया था, जहां मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर उतरा।
​कार्यक्रम की सफलता के लिए जिलाधिकारी (DM) सावन कुमार, पुलिस अधीक्षक (SP) शरथ आरएस, और त्रिवेणीगंज व वीरपुर के एसडीएम-एसडीपीओ पिछले कई दिनों से लगातार स्थल का निरीक्षण कर रहे थे। सुरक्षा, पार्किंग और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने कई दौर की बैठकें की थीं। इस कार्यक्रम में डॉ. जगन्नाथ मिश्र के पुत्र और मंत्री नीतीश मिश्रा के भी शामिल होने की संभावना ने इस आयोजन को और महत्वपूर्ण बना दिया।

​कोसी-मेची लिंक प्रोजेक्ट का निरीक्षण

​प्रतिमा अनावरण के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बहुप्रतीक्षित कोसी-मेची अंतरराज्यीय लिंक परियोजना के निर्माण स्थल का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की, जिसमें कार्यों में तेजी लाने और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पटना के लिए रवाना हो गए।

​बलुआ बाजार को प्रखंड बनाने की उठी मांग

​मुख्यमंत्री के इस दौरे से स्थानीय जनता में एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। क्षेत्र के लोगों ने लंबे समय से चली आ रही बलुआ बाजार को प्रखंड का दर्जा देने की मांग को एक बार फिर मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती से रखा। स्थानीय लोगों को पूरी उम्मीद है कि सरकार इस जनहित की मांग पर सकारात्मक पहल करेगी।

​डॉ. जगन्नाथ मिश्र का राजनीतिक सफर

​सुपौल जिले के बलुआ बाजार में 24 जून 1937 को जन्मे डॉ. जगन्नाथ मिश्र ने अर्थशास्त्र में उच्च शिक्षा प्राप्त कर पीएचडी की डिग्री हासिल की थी। उन्होंने बिहार विश्वविद्यालय के एलएस कॉलेज में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं।
​छात्र जीवन से ही कांग्रेस से जुड़े डॉ. मिश्र ने अपने राजनीतिक जीवन में तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री का पद संभाला:

  • ​पहला कार्यकाल: 1975 से 1977
  • ​दूसरा कार्यकाल: 1980 से 1983
  • ​तीसरा कार्यकाल: 1989 से 1990

​इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री के रूप में भी देश की सेवा की। अपने अद्वितीय शैक्षणिक और राजनीतिक योगदान के कारण वे जनता के बीच ‘डॉक्टर साहब’ के नाम से लोकप्रिय रहे। लंबी बीमारी के बाद 19 अगस्त 2019 को नई दिल्ली में उनका निधन हो गया था।

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