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इस किस को ना करें मिस!

मंच पर राहुल गांधी और अचानक आया ‘प्यार का पावरफुल पंच’

पुणे। राजनीति में भाषण, नारे, आरोप और प्रत्यारोप तो रोज सुनने को मिलते हैं, लेकिन पुणे के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ऐसा ‘सरप्राइज’ मिला कि मंच पर कुछ पल के लिए सियासत भी रोमांस की पटकथा जैसी लगने लगी। कार्यक्रम के दौरान एक युवती मंच पर पहुंची और राहुल गांधी के गाल पर अचानक किस कर दिया। देखते ही देखते यह पल कैमरों में कैद हुआ और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

अब सवाल यह नहीं कि कार्यक्रम में क्या भाषण हुआ, सवाल यह है कि ‘किस को ना करें मिस’ वाला यह दृश्य आखिर इतनी तेजी से वायरल क्यों हो गया?

राहुल गांधी उस समय युवाओं से संवाद कर रहे थे। मंच पर युवाओं के अधिकार, आजादी और महिलाओं की स्वतंत्रता की बातें हो रही थीं। राहुल का संदेश था कि महिलाएं अपनी जिंदगी के फैसले खुद लें और अपनी पहचान के साथ आगे बढ़ें। इसी बीच एक युवती ने शायद इस ‘स्वतंत्रता’ को मंच पर ही कुछ ज्यादा उत्साह के साथ लागू कर दिया और राहुल गांधी के गाल पर एक झटपट किस कर डाली।

राजनीतिक व्यंग्य की भाषा में कहें तो राहुल गांधी के सामने उस समय न कोई चुनावी सवाल था, न विपक्ष का आरोप और न ही सरकार की कोई फाइल। आया तो बस एक ऐसा ‘सरप्राइज’ जिसका जवाब शायद किसी राजनीतिक रणनीतिकार की किताब में भी नहीं मिलता।

मंच पर मौजूद कैमरों ने इस पूरे दृश्य को कैद कर लिया। वीडियो सामने आया तो सोशल मीडिया के ‘विशेषज्ञों’ को भी अपना-अपना विश्लेषण करने का नया मुद्दा मिल गया। किसी ने इसे युवाओं का उत्साह बताया, किसी ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का प्रदर्शन माना और किसी ने इसे महज वायरल होने वाला क्षण।

लेकिन असली व्यंग्य तो राजनीति पर है। जिस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और महिलाओं के मुद्दों पर चर्चा करना था, उसकी चर्चा कुछ ही घंटों में एक ‘किस’ पर आकर टिक गई। यानी रोजगार, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दे मंच पर थे, मगर सोशल मीडिया को मिला अपना अलग ‘मुख्य मुद्दा’।

राहुल गांधी के लिए भी यह शायद उन राजनीतिक क्षणों में शामिल हो गया होगा जिनकी तैयारी किसी भाषण लेखक से नहीं कराई जा सकती। भाषण की लाइनें लिखी जा सकती हैं, नारे तय किए जा सकते हैं, मंच की व्यवस्था की जा सकती है—लेकिन कैमरे के सामने कब कौन सा ‘सरप्राइज’ मिल जाए, इसकी स्क्रिप्ट शायद किसी के पास नहीं होती।

तो जनाब, कार्यक्रम में क्या कहा गया, यह जानने के लिए भाषण सुनना पड़ेगा। लेकिन ‘किस को ना करें मिस’ वाला दृश्य देखने के लिए सोशल मीडिया काफी है। राजनीति में भाषण बहुत आते हैं, मगर ऐसा ‘सरप्राइज’ रोज-रोज नहीं मिलता!

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