रोज़ 5 मिनट तलवों की तेल मालिश, होंगे फायदे

सनातनजन ब्यूरो, स्वास्थ्य डेस्क। भारतीय परंपरा और आयुर्वेद में तलवों की तेल मालिश को स्वास्थ्य संवर्धन का एक महत्वपूर्ण उपाय माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रूप से तलवों पर सरसों के तेल या घी से मालिश करने से शरीर को आराम मिलने के साथ-साथ रक्त संचार बेहतर करने में भी मदद मिल सकती है।

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, पैरों के तलवों और हाथों की हथेलियों में शरीर के विभिन्न अंगों से जुड़े प्रतिबिंब बिंदु मौजूद होते हैं। जब व्यक्ति अपनी हथेलियों से तलवों की मालिश करता है, तो इन बिंदुओं पर दबाव पड़ता है, जिससे शरीर के विभिन्न अंगों की कार्यप्रणाली पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कही जाती है। तलवों की मालिश सुबह व्यायाम के बाद, शाम को भोजन से पहले या भोजन के लगभग दो घंटे बाद तथा रात्रि में सोने से पूर्व की जा सकती है। प्रत्येक तलवे पर 2 से 4 मिनट तक मालिश पर्याप्त मानी जाती है। पारंपरिक स्वास्थ्य मान्यताओं के अनुसार, नियमित तलवा मालिश से रक्त संचार में सुधार, स्नायु तंत्र को आराम, शरीर की कार्यक्षमता में वृद्धि तथा पैरों के रूखेपन और खुरदरेपन में कमी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, यह तनाव कम करने और अच्छी नींद में भी सहायक मानी जाती है। हालांकि, किसी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए केवल इस उपाय पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।

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