कर्नाटक:फ़र्ज़ी मृत्यु प्रमाणपत्रों के ज़रिए मतदाताओं के नाम हटाने के आरोपों की जांच के आदेश
नई दिल्ली-कर्नाटक के बीजापुर जिले में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोप सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं.
शनिवार को कम से कम आठ लोगों ने एक ज्ञापन देकर आरोप लगाया था कि उनके नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए जाली मृत्यु प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया गया. इसके बाद उपायुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) के. आनंद ने जांच के निर्देश दिए.
इन आठ लोगों में सरकारी स्कूल की शिक्षिका अल्लामा बगवान भी शामिल हैं. उन्हें पता चला कि फॉर्म 7 के तहत किसी तीसरे पक्ष ने आपत्ति दर्ज कराते हुए दावा किया था कि उनकी मौत हो चुकी है. इसके समर्थन में कथित तौर पर छेड़छाड़ किए गए दस्तावेज लगाए गए थे. बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) ने उन्हें इस आवेदन के बारे में बताया.कांग्रेस नेता अब्दुल हमीद मुश्रीफ ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा बीजापुर शहर विधानसभा क्षेत्र के 198 मतदान केंद्रों में अल्पसंख्यक समुदाय के करीब 1,046 मतदाताओं के नाम गलत तरीके से मृत घोषित कर मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया गया.
यह गड़बड़ी उस समय सामने आई जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर यह जांचना शुरू किया कि मौजूदा मतदाता सूची और जारी एसआईआर प्रक्रिया के दौरान तैयार की जा रही सूची में कोई अंतर तो नहीं है.
उनके अनुसार, निष्कासित किए जा चुके भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल के समर्थकों ने इन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई थी. इसके लिए फॉर्म 7 के आवेदनों के साथ कम से कम आठ लोगों के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाए गए थे.फैक्ट-चेकर और ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने एक्स पर दावा किया कि भाजपा के तालुक स्तर के नेताओं एच.के. दिनेश, अर्जुन, हलप्पा, कार्तिक और बृजेश ने 21 और 22 सितंबर को फॉर्म 7 के तहत आपत्तियां दाखिल की थीं. इन आपत्तियों में चिक्कमंगलुरु के कोप्पा तालुक के विभिन्न मतदान केंद्रों की ड्राफ्ट मतदाता सूची से 243 मतदाताओं, जिनमें बीएलओ वजीर खान और उनका परिवार भी शामिल है, के नाम हटाने की मांग की गई थी.
जुबैर के अनुसार, इन 243 नामों में से अधिकांश मुस्लिम मतदाताओं के थे, जबकि कुछ नाम ईसाई समुदाय के लोगों के थे. जुबैर ने एक्स पर लिखा, ‘यह भाजपा द्वारा अल्पसंख्यकों के खिलाफ लक्षित अभियान को दर्शाता है.’