106

18 रुपये की पानी की बोतल पर 2 रुपये ज्यादा वसूले, फिर नहीं लौटाए पैसे, रेस्टोरेंट पर लगा 1.06 लाख का दंड

Hathras BBCN Restaurant: उत्तर प्रदेश के हाथरस स्थित एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट को पानी की बोतल के लिए निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ज्यादा रकम वसूलना भारी पड़ गया. आरोप है कि रेस्टोरेंट ने 18 रुपये MRP वाली पानी की बोतल के लिए ग्राहक से 20 रुपये वसूले और उस पर अलग से GST भी जोड़ दिया. ग्राहक ने अतिरिक्त रकम लेने पर आपत्ति जताई और पैसे वापस मांगे, लेकिन रेस्टोरेंट प्रबंधन ने इनकार कर दिया. इसके बाद मामला अलीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग पहुंचा. आयोग ने कई नोटिस जारी किए, लेकिन रेस्टोरेंट की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ. इसके बाद आयोग ने एकपक्षीय फैसला सुनाते हुए रेस्टोरेंट को कुल 1 लाख 6 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया.

18 रुपये की बोतल के लिए वसूले 20 रुपये, अलग से जोड़ा GST

मामला हाथरस के प्रसिद्ध बीबीसीएन रेस्टोरेंट से जुड़ा है. मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता अंकुर अग्रवाल के अनुसार, ग्राहक ने जब 18 रुपये MRP वाली पानी की बोतल के लिए 20 रुपये वसूलने और अलग से GST जोड़ने पर आपत्ति जताई, तो रेस्टोरेंट प्रबंधन ने अतिरिक्त रकम लौटाने से इनकार कर दिया. बताया गया कि इस दौरान प्रबंधन की ओर से यह दलील भी दी गई कि किसी बड़े होटल में इसी बोतल के लिए 50 रुपये तक लिए जा सकते हैं. रेस्टोरेंट के इस रवैये के बाद ग्राहक ने कानूनी रास्ता अपनाया.

कानूनी नोटिस के बाद उपभोक्ता आयोग पहुंचा मामला

अधिवक्ता अंकुर अग्रवाल के मुताबिक, ग्राहक की ओर से रेस्टोरेंट को कानूनी नोटिस भेजा गया था, लेकिन उसका जवाब नहीं मिला. इसके बाद मामला अलीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में दाखिल किया गया. इस केस की पैरवी अधिवक्ता अंकुर अग्रवाल और एडवोकेट अमित तोमर ने की. आयोग की ओर से रेस्टोरेंट को कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिनिधि सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुआ.

आयोग ने एकपक्षीय फैसला सुनाते हुए लगाया दंड

रेस्टोरेंट की ओर से सुनवाई में शामिल नहीं होने के बाद आयोग ने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर एकपक्षीय फैसला सुनाया. आदेश के मुताबिक, रेस्टोरेंट को 1 लाख रुपये जिला उपभोक्ता वेलफेयर फंड में जमा करने होंगे. इसके अलावा 5 हजार रुपये अधिवक्ता फीस और 1 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में देने का निर्देश दिया गया. इस तरह कुल रकम 1 लाख 6 हजार रुपये होती है.

छोटी रकम की शिकायत पहुंची आयोग तक

यह मामला दिखाता है कि किसी वस्तु के निर्धारित MRP से अधिक वसूली और शिकायत पर सुनवाई न करना उपभोक्ता विवाद का कारण बन सकता है. हालांकि, इस मामले में आयोग का आदेश रेस्टोरेंट की ओर से पेश न होने के बाद एकपक्षीय रूप से आया है. आदेश के सटीक कानूनी आधार और आगे की अपील की स्थिति की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है.

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *