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UP बदल रहा है, आगे बढ़ रहा हैः दूध उत्पादन में यूपी नंबर-1, डेयरी सेक्टर से 2.25 लाख लोगों को मिला रोजगार

लखनऊ. उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर देश में सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक राज्य का दर्जा बरकरार रखा है. प्रदेश में सालाना 38.8 मिलियन मीट्रिक टन दूध उत्पादन हो रहा है, जो देश के कुल दुग्ध उत्पादन का करीब 16 फीसदी है. दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में जनपदीय स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया.

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि भारत वर्ष 2024-25 में करीब 248 मिलियन मीट्रिक टन दूध उत्पादन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है और इसमें उत्तर प्रदेश सबसे आगे है. उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहा है. दुग्ध आयुक्त ने बताया कि नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत अब तक 17,994 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा चुका है. वहीं 4,951 दुग्ध सहकारी समितियों के गठन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 2.25 लाख रोजगार सृजित हुए हैं.

स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर पूरे प्रदेश में 2,100 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना, 1,500 से अधिक लाभार्थियों को मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और 450 से अधिक किसानों को नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के चयन पत्र वितरित किए गए. सरकार के मुताबिक डेयरी क्षेत्र में 28 हजार करोड़ रुपये से अधिक के 829 एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं.

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वहीं उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत प्रदेश में 39 लाख लीटर प्रतिदिन अतिरिक्त दुग्ध प्रसंस्करण और शीतकरण क्षमता विकसित हुई है, जिससे करीब 10 हजार नए रोजगार भी मिले हैं. निवेशकों को डीबीटी के माध्यम से करीब 42 करोड़ रुपये का अनुदान भी दिया गया है.

कॉन्क्लेव में जनप्रतिनिधियों, पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों, स्वयं सहायता समूहों और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों ने भाग लिया. विशेषज्ञों ने आधुनिक डेयरी तकनीक, वैज्ञानिक पशुपालन, पशु स्वास्थ्य, संतुलित पशु आहार और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी. दुग्ध आयुक्त ने किसानों और पशुपालकों से आधुनिक तकनीक अपनाकर डेयरी व्यवसाय को और मजबूत बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश को डेयरी क्षेत्र में और अधिक आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है.

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