ग्रीन हाउसिंग सोसाइटी के बिल्डर भूषण सिंह गिरफ्तार, 5 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का मामला

पटना। पुलिस ने शहर के चर्चित बिल्डर और ग्रीन हाउसिंग सोसाइटी के नाम से कारोबार करने वाले भूषण सिंह को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने लोगों को प्लॉट और जमीन दिलाने के नाम पर मोटी रकम ठग ली, लेकिन न तो जमीन दी और न ही पैसे वापस किए। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद से ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।

​श्रीकृष्णापुरी थाने में दर्ज हैं पांच गंभीर मामले

​पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी बिल्डर भूषण सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत से जुड़े कुल पांच मामले अकेले श्रीकृष्णापुरी थाने में दर्ज हैं। विभिन्न पीड़ितों ने अपनी शिकायतों में बताया है कि आरोपी ने उनसे जमीन देने के नाम पर एडवांस पैसे ऐंठे थे। प्राथमिक जांच और पीड़ितों के बयानों के आधार पर यह ठगी पांच करोड़ रुपये से भी अधिक की आंकी जा रही है, जिसका दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

​लंबे समय से जांच में असहयोग कर रहा था आरोपी

​पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भूषण सिंह लंबे समय से कानून की नजरों से बच रहा था। उसे जांच में शामिल होने के लिए कई बार औपचारिक नोटिस भेजे गए थे, लेकिन उसने हर बार पुलिस की अवहेलना की और जांच में किसी भी तरह का सहयोग नहीं किया। जब आरोपी ने पुलिस के सम्मन को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, तब पुलिस ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और वारंट हासिल किया। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत अंततः उसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।

​गिरफ्तारी के बाद थाने में जुटा समर्थकों का हुजूम

​बिल्डर भूषण सिंह की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उसके समर्थक और कानूनी सलाहकार बड़ी संख्या में श्रीकृष्णापुरी थाने पहुंच गए। देर रात तक आरोपी को छुड़ाने और मामले को दबाने के लिए राजनीतिक तथा अन्य दबाव बनाने के प्रयास किए जाते रहे। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने किसी भी दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया और अपनी कानूनी कार्रवाई को पूरी दृढ़ता के साथ जारी रखा, जिसके बाद समर्थक वापस लौट गए।

​पक्ष और विपक्ष के अपने-अपने दावे

​इस पूरी कार्रवाई को लेकर दोनों पक्षों के अपने तर्क सामने आए हैं। भूषण सिंह के करीबियों और वकीलों का दावा है कि उन्हें पुलिस की ओर से कोई भी नोटिस विधिवत रिसीव नहीं कराया गया था और पुलिस ने मनमाने तरीके से सीधे गिरफ्तारी की है। इसके विपरीत, थाना प्रभारी जितेंद्र राणा ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को कई बार नोटिस भेजे गए थे, लेकिन उसने न तो कोई जवाब दिया और न ही पुलिस की जांच प्रक्रिया का हिस्सा बना।

मुजफ्फरपुर तक फैला है कारोबार, आगे होगी रिमांड पर पूछताछ

पुलिस की शुरुआती छानबीन में यह बात भी सामने आई है कि भूषण सिंह का व्यावसायिक साम्राज्य केवल पटना तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने मुजफ्फरपुर तक अपने कारोबार का विस्तार कर रखा है। वहां उसने शोरूम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में निवेश कर रखा है। अब पुलिस आरोपी को अदालत में पेश करेगी और मामले की तह तक जाने के लिए रिमांड की मांग करेगी, ताकि ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य राज भी सामने आ सकें।

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