हथनीकुंड बैराज पर बढ़ा पानी का दबाव, मानसून सीजन का सबसे अधिक 79,630 क्यूसेक प्रवाह दर्ज, दिल्ली तक बढ़ी सतर्कता
यमुनानगर। हथनीकुंड बैराज पर मंगलवार को मानसून सीजन का अब तक का सबसे अधिक जलप्रवाह दर्ज किया गया। दोपहर 3 बजे बैराज पर 79,630 क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया गया, जिससे प्रशासन की सतर्कता बढ़ गई। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए 63,110 क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया, जिसके बाद हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक संबंधित विभागों ने स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया।
हालांकि शाम 6 बजे तक बैराज पर पानी का प्रवाह घटकर 52,519 क्यूसेक रह गया, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण आने वाले घंटों में जलस्तर दोबारा बढ़ सकता है।
सिंचाई विभाग के अनुसार हथनीकुंड बैराज से 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर मिनी फ्लड जैसी स्थिति मानी जाती है, जबकि 2.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर सायरन बजाकर आधिकारिक रूप से बाढ़ घोषित की जाती है। फिलहाल जलप्रवाह इस सीमा से नीचे है, लेकिन प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
विशेषज्ञों के अनुसार हथनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी 48 से 72 घंटे के भीतर राजधानी दिल्ली पहुंच सकता है। ऐसे में यमुना नदी के किनारे बसे निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
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