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’10 साल में 26,000 स्कूल बंद!’: विधानसभा घेरने से पहले अखिलेश यादव का ‘मास्टरस्ट्रोक’, कटघरे में योगी सरकार

सतीश सिंह, लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से एक दिन पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के दस वर्षों में प्रदेश के 26,386 सरकारी प्राथमिक विद्यालय बंद या मर्ज कर दिए गए, जिससे करीब 28 लाख बच्चों का नामांकन घट गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे अधिक नुकसान पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज के बच्चों तथा बेटियों की शिक्षा को हुआ है।

अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा सत्र में समाजवादी पार्टी के सभी विधायक किसानों की बदहाली, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, बिजली दरों में वृद्धि और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार विधानसभा से बचना चाहती है, लेकिन विपक्ष जनता से जुड़े हर मुद्दे को मजबूती से उठाएगा।

शिक्षा व्यवस्था और पदों में कटौती का आरोप

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने दावा किया कि सरकारी प्राथमिक स्कूलों में छात्र संख्या में भारी गिरावट आई है। उनके अनुसार, ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के लगभग 25 लाख बच्चों का नामांकन कम हुआ, जबकि करीब 16 लाख बेटियों ने सरकारी स्कूलों से पढ़ाई छोड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि 62 हजार से अधिक प्राथमिक शिक्षकों की संख्या कम हुई, जबकि 81 हजार शिक्षक पद खाली पड़े हैं और 1.40 लाख स्वीकृत पदों पर नियुक्तियां नहीं की गईं।

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार सरकारी नौकरियां खत्म कर आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दे रही है ताकि आरक्षण व्यवस्था कमजोर हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा और रोजगार दोनों क्षेत्रों में युवाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नीट समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ।

किसानों की बदहाली और भ्रष्टाचार के मुद्दे

उन्होंने किसानों के मुद्दे पर कहा कि खाद, डीजल और खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं हुआ। आलू किसानों की दुर्दशा और एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं मिलने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने सरकार पर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि थानों, तहसीलों, एक्सप्रेसवे निर्माण, स्मार्ट सिटी मिशन और धार्मिक स्थलों तक में भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने अयोध्या में चढ़ावे और दानपात्र से जुड़ी चोरी की घटनाओं का भी उल्लेख किया।

ई-20 ईंधन और सपा सरकार के कार्यों का जिक्र

ई-20 ईंधन को लेकर उन्होंने कहा कि यदि इससे वाहन की माइलेज और दक्षता वास्तव में बढ़ती है तो ऑटोमोबाइल कंपनियों को स्वयं इसका प्रचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस संबंध में दबाव की राजनीति कर रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार के कार्यकाल में तकनीक आधारित विकास को बढ़ावा दिया गया था। उन्होंने डायल-100, 108 एम्बुलेंस सेवा, लैपटॉप वितरण, ट्रिपल आईटी, मुफ्त वाई-फाई और स्कूलों के आधुनिकीकरण जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा और तकनीक को प्राथमिकता दी थी।

सपा प्रमुख ने कहा कि विधानसभा के इस सत्र में पार्टी जनता से जुड़े हर मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगेगी और प्रदेश की शिक्षा, रोजगार तथा किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएगी।

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