मस्तक पर विष्णु चरण: बलि की भक्ति का शिखर
प्रजापति कश्यप की दो पत्नियाँ थीं—दिति और अदिति। अदिति से देवताओं का जन्म हुआ और दिति से दैत्यों का। यही कारण था कि देव और असुरों के बीच वैर जन्मजात था। दोनों पक्षों के बीच निरंतर संघर्ष चलता रहता था, जिसे पुराणों में देवासुर संग्राम कहा गया है। देवताओं के गुरु आचार्य बृहस्पति थे, जबकि […]