एक साल से बंद पड़ी सरकारी नाली, खुले चैम्बर और अधूरी पैमाइश से ग्रामीणों में आक्रोश; मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

अयोध्या (उत्तर प्रदेश)। अयोध्या जिले की रुदौली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत मल्लाहन पुरवा, मजरा द्वारकापुर के ग्रामीणों ने प्रशासनिक लापरवाही और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बनी सरकारी नाली को कुछ दबंग लोगों ने बंद कर दिया है, छह चैम्बरों के ढक्कन गायब हैं, स्ट्रीट लाइट नहीं होने से आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। वहीं दूसरी ओर वृक्षारोपण पट्टे की जमीन की पैमाइश और कब्जा दिलाने के मामले में भी लंबे समय से कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक वर्ष पहले ग्राम प्रधान द्वारा आरसीसी सड़क के बीचों-बीच चैम्बरयुक्त नाली का निर्माण कराया गया था, लेकिन कुछ लोगों ने कथित रूप से गिट्टी, बदरपुर और सीमेंट डालकर सरकारी नाली को पूरी तरह बंद कर दिया। इसके कारण गंदा पानी सड़क पर जमा हो रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बरसात के दिनों में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि नाली के छह चैम्बरों के ढक्कन भी गायब हैं। रात के समय अंधेरा रहने के कारण बच्चे, बुजुर्ग, मोटरसाइकिल और साइकिल सवार कई बार खुले चैम्बरों में गिरकर घायल हो चुके हैं। गांव में स्ट्रीट लाइट नहीं होने से दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

इसी के साथ गांव निवासी रामदेव ने वृक्षारोपण पट्टे की भूमि को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें और उनके भाई पच्चू लाल को वृक्षारोपण के लिए पट्टा आवंटित किया गया था, लेकिन गाटा संख्या 863 और 478 की पैमाइश आज तक सही तरीके से नहीं कराई गई। उनका आरोप है कि संबंधित लेखपाल ने बिना मौके पर पूरी कार्रवाई किए ही रिपोर्ट लगा दी कि पैमाइश, निशानदेही और कब्जा दिला दिया गया है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।

रामदेव का आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 सहित कई माध्यमों से अनेक बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो उन्हें जमीन का कब्जा मिला और न ही पत्रावली की नकल उपलब्ध कराई गई। उनका कहना है कि संबंधित लेखपाल का तबादला भी हो चुका है, फिर भी मामले का समाधान नहीं हो सका है। इससे पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक परेशानी से गुजर रहा है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपजिलाधिकारी और जिला प्रशासन से मांग की है कि बंद सरकारी नाली को तत्काल खुलवाया जाए, खुले चैम्बरों पर ढक्कन लगाए जाएं, गांव में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए तथा वृक्षारोपण पट्टे की भूमि की निष्पक्ष पैमाइश कराकर पात्र लाभार्थियों को कब्जा दिलाया जाए। साथ ही यदि जांच में किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही अथवा गलत भूमिका सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो गांव में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पूरे गांव के लोग अब प्रशासन से शीघ्र न्याय और स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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