एक महीने बाद भी हत्या के दो आरोपी फरार, इंसाफ की आस में दर-दर भटक रहा परिवार, पुलिस पर कार्रवाई में ढिलाई का आरोप

आरा। बिहार के भोजपुर जिले के इमादपुर थाना क्षेत्र के राजपुर गांव में युवक कमलेश यादव की हत्या के मामले में एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी दो नामजद और दो अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है। मृतक की पत्नी नीतू देवी और परिजनों का आरोप है कि पुलिस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है। परिवार का कहना है कि मुख्य आरोपी सुनील यादव की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन संतोष यादव और पप्पू यादव अब भी फरार हैं, अन्य दो अज्ञात लोगों भी इस वारदात में शामिल है और वह भी फरार है। जिससे पूरे परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

पीड़ित परिवार के अनुसार, 13 जून की रात गांव में मामूली विवाद के दौरान कमलेश यादव और सुनील यादव के बीच कहासुनी हुई थी। आरोप है कि विवाद के बाद सुनील यादव ने जान से मारने की धमकी दी और कुछ समय बाद अपने साथियों संतोष यादव, पप्पू यादव तथा अन्य लोगों के साथ दोबारा घर पहुंच गया। परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने पहले कमलेश के पिता के साथ मारपीट की और फिर कमलेश यादव को जबरन घर से उठाकर अपने साथ ले गए।

परिजनों का कहना है कि इसके बाद कमलेश यादव को लगभग 38 किलोमीटर दूर सासाराम आरा हाईवे NH के पास मृत अवस्था में फेंक दिया गया। अगले दिन सुबह करीब सात बजे परिवार को घटना की जानकारी मिली। इस घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई थी।

मृतक के परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि सोन नदी में बालू निकालने के कार्य से जुड़े लगभग ₹5 लाख के लेन-देन को लेकर भी विवाद चल रहा था। उनका दावा है कि बार-बार रकम मांगने पर उन्हें धमकियां दी जाती थीं और इसी रंजिश में पूरी घटना को अंजाम दिया गया।

कमलेश यादव की पत्नी नीतू देवी का कहना है कि उनके पति परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद पूरे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक और शाहाबाद डीजीपी से मिलकर फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, परिवार खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि फरार आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे गवाहों और परिवार के सदस्यों में लगातार डर का माहौल बना हुआ है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि फरार आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर निष्पक्ष जांच के साथ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

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