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मुख्यमंत्री जी…कहां है दूध का दूध, पानी का पानी? राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर पूर्व मंत्री पवन पांडेय का हमला, BJP-RSS और विहिप पर लगाए गंभीर आरोप

मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जब मंदिर के चढ़ावे की चोरी होती है, तो भाजपा नेताओं के मुंह से एक शब्द नहीं निकलता. पवन पांडेय ने कहा कि हैरानी की बात है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठन भी इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं. जो लोग खुद को राम और हिंदुत्व का सबसे बड़ा ठेकेदार बताते हैं, वो आज मंदिर के पैसे की चोरी पर खामोश क्यों हैं? यह चुप्पी कई सवाल खड़े करती है.

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आगे पवन पांडेय ने कहा कि संत, महंत, शंकराचार्य और गुरू को काम है कि समाज को आइना दिखाएं. अगर आप सत्ता के चरणों में लेट जाएंगे तो आपके संत होने पर धिक्कार है. ये चढ़ावा जो लूटकांड हुआ, इस घटना ने पूरी दुनिया में अयोध्या को शर्मसार किया.

आगे उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री जी ने कहा था कि 15 दिन शांत रहिए. सब दूध का दूध, पानी का पानी कर देंगे. 2 महीने होने जा रहा है, क्या हुआ? दूध का दूध, पानी का पानी कहां है? आज भी मंदिर का काम अंदर से चंपत राय ही देख रहे हैं. जो चंपत राय चाहते हैं, वहीं होता है. चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के सरगना हैं. अगर इन पर कार्रवाई न होती तो ये माना जाएगा कि 140 करोड़ भारतीयों की आस्था को ठगने का काम, भाजपा, संघ और विहिप ने किया है.

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पवन पांडेय ने खुलकर फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद के समर्थन में सामने आए. उन्होंने संतों द्वारा अवधेश प्रसाद के पुतले पर कालिख पोतने और जूते मारने की घटना को दलित समाज का अपमान बताया. उन्होंने कहा कि अवधेश प्रसाद सिर्फ एक सांसद नहीं हैं, वो दलित समाज के सम्मान का प्रतीक हैं. उनका पुतला दहन करना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है. अयोध्या की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी. जनता सब कुछ देख और समझ रही है. मंदिर के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार और दलितों के अपमान का जवाब जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में जरूर देगी.

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