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पत्नी के लापता होने, जेवर-नकदी ले जाने और कार्रवाई में लापरवाही का आरोप, पीड़ित परिवार बोला—’बेटी को छोड़कर चली गई, हमें न्याय चाहिए’

बांदा (उत्तर प्रदेश)। जिले के बिसंडा थाना क्षेत्र के अजीतपारा गांव से एक पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित परिवार ने महिला के घर छोड़कर चले जाने, कीमती जेवरात और नकदी साथ ले जाने तथा पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि कई महीनों से न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाए जा रहे हैं, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार, छोटे डोमार पुत्र चुन्नूबाद ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि 25 जनवरी 2026 की रात उनकी बहू शालिनी घर से चली गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वह घर में रखे करीब पौने दो किलो चांदी के आभूषण, तीन मंगलसूत्र, सोने की अंगूठी, झुमकी, जंजीर तथा 2,500 रुपये नकद अपने साथ ले गई। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना में कुछ अन्य लोगों की भूमिका होने की आशंका है और मामले की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

पीड़ित पति का कहना है कि उसकी शादी को करीब पांच वर्ष हो चुके हैं और उनकी दो वर्ष की बेटी संध्या है, जिसे उसकी पत्नी घर पर छोड़कर चली गई। पति के अनुसार, वह दिल्ली में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्य करता है और परिवार की जिम्मेदारी निभा रहा था। उसका आरोप है कि पत्नी के चले जाने के बाद से वह लगातार उसकी तलाश कर रहा है, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिल पाया।

पीड़ित का दावा है कि पत्नी के छतरपुर क्षेत्र में होने की सूचना मिलने पर उसने स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दी और संबंधित थाना पुलिस से मौके पर पहुंचने का अनुरोध किया, लेकिन उसके अनुसार पुलिस समय पर नहीं पहुंची। बाद में भी दूसरी बार सूचना देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद उस पर ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया, जिनमें यह दर्शाया गया था कि उसकी पत्नी मिल चुकी है। हालांकि, पीड़ित ने ऐसे किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।

पीड़ित परिवार का कहना है कि वे केवल निष्पक्ष जांच, महिला की वास्तविक स्थिति की जानकारी तथा मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई चाहते हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई होती तो मामले का समाधान संभव हो सकता था। परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी भी जांच की जाए।

फिलहाल, यह सभी आरोप शिकायतकर्ता और पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए हैं। मामले में पुलिस अथवा दूसरे पक्ष का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की सत्यता और अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे

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