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भारी लाइसेंस शुल्क के खिलाफ व्यापारी सड़क पर

नगर निगम के प्रस्ताव का जोरदार विरोध

लखनऊ। नगर निगम लखनऊ द्वारा 21 प्रकार के व्यवसायों पर प्रस्तावित अनिवार्य व्यापारिक लाइसेंस एवं भारी लाइसेंस शुल्क व्यवस्था के विरोध में आज भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने नगर आयुक्त एवं महापौर को ज्ञापन सौंपकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में व्यापारी वर्ग पहले से ही महँगाई, जीएसटी, ऑनलाइन व्यापार की बढ़ती प्रतिस्पर्धा, बिजली दरों एवं विभिन्न करों के भारी दबाव में है। ऐसे में नगर निगम द्वारा नई लाइसेंस व्यवस्था लागू करना या शुल्क में अत्यधिक वृद्धि करना छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के लिए विनाशकारी साबित होगा। व्यापारियों ने इसे आर्थिक शोषण करार दिया।

संगठन ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने यह प्रस्ताव बिना किसी व्यापारी संगठन से संवाद एवं विचार-विमर्श के तैयार किया है, जिससे व्यापारी समाज में व्यापक असंतोष व्याप्त है। व्यापार मंडल का कहना है कि यदि इस प्रकार के निर्णय थोपे गए, तो व्यापार जगत पर इसका सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

व्यापार मंडल की प्रमुख मांगें

भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट मांग की कि—

  • प्रस्तावित व्यापारिक लाइसेंस एवं शुल्क व्यवस्था को तत्काल स्थगित किया जाए।

  • किसी भी निर्णय से पूर्व सभी व्यापारी संगठनों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।

  • छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को लाइसेंस शुल्क में विशेष राहत दी जाए।

  • यदि लाइसेंस व्यवस्था लागू की जाए, तो शुल्क नाममात्र, न्यायसंगत एवं व्यावहारिक रखा जाए।

व्यापार मंडल ने चेतावनी दी कि यदि व्यापारी हितों की अनदेखी कर इस प्रस्ताव को लागू किया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।

संगठन ने उम्मीद जताई कि नगर निगम प्रशासन व्यापारी हितों को प्राथमिकता देते हुए इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करेगा।

इस अवसर पर प्रदेश संयोजक एस.डी. सिंह बैसवारा, संरक्षक सौरभ तिवारी, अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह, महामंत्री सुशील कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष विवेक शुक्ला, मंत्री एवं प्रभारी विनोद सिंह, उपाध्यक्ष विशाल रावत व प्रवीण मिश्रा, मीडिया प्रभारी किशन सिंह, जिला उपाध्यक्ष सौरभ वर्मा, अजनहर रोड संरक्षक आनंद कुमार अवस्थी, अध्यक्ष अमरेश प्रताप सिंह, महामंत्री रोहित सिंह राठौड़, कोषाध्यक्ष सुबोध कुमार सिंघल सहित अनेक व्यापारी साथी उपस्थित रहे।

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