2047

हरियाणा के 4 शहरों के भविष्य का ब्लूप्रिंट तैयार, CM सैनी ने 2047 विजन के अनुरूप विकास योजनाओं पर दिए बड़े निर्देश

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में सुनियोजित शहरी विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में स्टेट लेवल कमेटी (एसएलसी) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नारायणगढ़-2031 तथा कुरुक्षेत्र, नारनौल और पानीपत-2041 के ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान पर विस्तार से विचार-विमर्श कर उन्हें अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास योजनाएं ‘विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि भविष्य की जनसंख्या, आधुनिक शहरी जरूरतों, पर्यावरण संरक्षण, बेहतर परिवहन व्यवस्था और टिकाऊ विकास को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाए। साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, बिजलीघर, एंटरटेनमेंट जोन और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए भी पर्याप्त भूमि सुनिश्चित की जाए।

नारायणगढ़-2031: 95 हजार आबादी के हिसाब से होगा विकास

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2031 तक संभावित 95 हजार आबादी को ध्यान में रखते हुए नारायणगढ़ में छह नए आवासीय सेक्टर विकसित किए जाएंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग-72 के आसपास औद्योगिक और शहरी विकास की संभावनाओं, ग्रीन जोन और प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था को योजना में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए।

कुरुक्षेत्र-2041: धार्मिक पर्यटन और सरस्वती नदी पर विशेष फोकस

कुरुक्षेत्र की विकास योजना में ज्योतिसर क्षेत्र के संरक्षण, सरस्वती नदी के अनुरूप विकास, हरित क्षेत्रों के विस्तार और बाढ़ सुरक्षा उपायों पर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने आइकॉनिक डेस्टिनेशन स्कीम के तहत 250 एकड़ भूमि आरक्षित रखने तथा सरस्वती नदी के कैचमेंट क्षेत्र में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

नारनौल-2041: 20 नए रिहायशी सेक्टर और लॉजिस्टिक्स हब

नारनौल में वर्ष 2041 तक 20 नए आवासीय सेक्टर विकसित करने की योजना है। बैठक में एकीकृत मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (आईएमएलएच), नए बाईपास, औद्योगिक क्षेत्रों और हरित क्षेत्र के संतुलित विकास पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने वन क्षेत्रों के संरक्षण के साथ कुछ हिस्सों को इको-टूरिज्म के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए।

पानीपत-2041: हाईवे किनारे विकसित होंगे औद्योगिक कॉरिडोर

पानीपत की विकास योजना में बढ़ती आबादी को देखते हुए नए आवासीय क्षेत्र, सड़क नेटवर्क, एसटीपी, बूस्टिंग स्टेशन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पानीपत-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर तक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाने और उद्योगों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराने हेतु रैनीवेल जैसी व्यवस्थाएं विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही सेक्टर-34 स्थित पुरानी शुगर मिल की भूमि को स्पेशल जोन या मिक्स यूज के रूप में विकसित करने पर भी विचार किया गया।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव आर.के. खुल्लर, विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

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